राष्ट्रपति ने वीरता के रणबांकुरों को किया सलाम! 51 जवानों को मिला कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र, 7 योद्धाओं को मरणोपरांत सम्मान

नई दिल्ली: राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अदम्य साहस, असाधारण पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षा अलंकरण समारोह 2026 में सम्मानित किया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस भव्य समारोह के दौरान सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों तथा राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस सेवाओं से जुड़े कुल 51 वीर कर्मियों को कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र प्रदान किए गए। इनमें सात जवानों को मरणोपरांत सम्मानित किया गया।

राष्ट्रपति ने बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा का अद्वितीय उदाहरण पेश करने वाले जवानों को 7 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र प्रदान किए। सम्मानित किए गए जवानों ने आतंकवाद विरोधी अभियानों, उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में कार्रवाई, विशेष सैन्य अभियानों और बचाव कार्यों के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना राष्ट्रहित में असाधारण साहस का परिचय दिया।

क्या हैं कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र?

कीर्ति चक्र देश का दूसरा सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है, जो युद्ध क्षेत्र से बाहर असाधारण साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए दिया जाता है। वहीं वीर चक्र दुश्मन की मौजूदगी में प्रदर्शित वीरता के लिए प्रदान किया जाता है। शौर्य चक्र शांतिकालीन परिस्थितियों में अद्वितीय साहस और बहादुरी दिखाने वाले सैनिकों और सुरक्षाकर्मियों को दिया जाता है।

29 जवानों को मिला शौर्य चक्र

इस वर्ष शौर्य चक्र से सम्मानित होने वालों में सेना, नौसेना, वायुसेना, केंद्रीय सुरक्षा बलों और गृह मंत्रालय के जवान शामिल रहे। इनमें इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट, इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख, लेफ्टिनेंट कर्नल नीतेश भारती शुक्ला, मेजर आदित्य प्रताप सिंह, मेजर आशीष कुमार, कांस्टेबल संजय तिवारी, कांस्टेबल फेदा हुसैन डार, मोहम्मद शफीक, लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज पाराशर, राम गोयल, सद्दाम हुसैन, विपिन विल्सन, राइफलमैन भोज राम साहू, ग्रुप कैप्टन अभिमन्यु सिंह सहित कुल 29 बहादुर जवानों को यह सम्मान प्रदान किया गया।

15 वीर योद्धाओं को मिला वीर चक्र

वीर चक्र पाने वालों में कर्नल कोशांक लांबा, ग्रुप कैप्टन रणजीत सिंह सिद्धू, ग्रुप कैप्टन मनीष अरोरा, ग्रुप कैप्टन अनिमेष पाटनी, ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा, ग्रुप कैप्टन जॉय चंद्र, लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट, विंग कमांडर सार्थक कुमार, स्क्वाड्रन लीडर सिद्धांत सिंह, स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक, स्क्वाड्रन लीडर आरशवीर सिंह ठाकुर और नायब सूबेदार सतीश कुमार जैसे वीर सैनिक शामिल हैं।

कीर्ति चक्र से सम्मानित हुए पांच जांबाज सैनिक

कीर्ति चक्र पाने वाले जवानों में लांस नायक मीनाक्षी सुंदरम ए, नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा, मेजर अर्शदीप सिंह, एयर कमोडोर प्रशांत बालकृष्णन नायर और कैप्टन लालरिनावमा सैलो शामिल रहे। इन सभी ने चुनौतीपूर्ण अभियानों में असाधारण वीरता का परिचय दिया।

मरणोपरांत सम्मान पाने वाले अमर वीर

राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सात वीरों को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें लांस दफादार बलदेव चंद को शौर्य चक्र, सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज, कांस्टेबल दीपक चिंगाखम और राइफलमैन सुनील कुमार को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। वहीं सिपाही जंजल प्रवीण प्रभाकर और लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र प्रदान किया गया। इन वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को राष्ट्र ने नमन किया।

राष्ट्रपति भवन में गूंजा वीरता का गौरवगान

रक्षा अलंकरण समारोह के दौरान राष्ट्रपति भवन का वातावरण देशभक्ति और गौरव की भावना से सराबोर दिखाई दिया। सम्मानित जवानों और उनके परिजनों की मौजूदगी में राष्ट्र ने उन बहादुर योद्धाओं को श्रद्धापूर्वक सलाम किया, जिन्होंने देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया।

 

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